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Sunday, July 22, 2018

जुल्फें बिखेर इस कदर चेहरे पे

जुल्फें बिखेर इस कदर चेहरे पे 
इक अंदाज में, 
होंठो पे मुस्कान लिए

मीठी-मीठी अंगड़ाइयाँ भरती
आँखों में शबनम की छाँव लिए

आकर वो मेरे दिल में दस्तक दी 
और बोली-तुम्हारा दिल चाहिए
अपनें दिल में आइने के लिए।।





Saturday, July 21, 2018

मस्त आँखों से पिया कभी

मस्त आँखों से पिया कभी
कभी लवों की जाम से

बढ़ाई और दो-चार कदम
होश आई ना शाम से

इश्क में हुआ, ये बंदा बदनाम
अब रहा ना, किसी काम के।।

Saturday, October 21, 2017

संबंध में विच्छेद है

संबंध में विच्छेद है
स्वर में मल्हार है,

गीत मे प्रीत है
भाव में संस्कार है,

मादकता में उन्माद है
प्रेम में श्रृंगार है।

संघर्ष में जीत है
यही मेरी प्रीत है,

अब बताओ हे सखे
क्या यही रीत है ।।