You are welcome for visit Mera Abhinav Ho Tum blog

कोई रूठी है कब से

कोई रूठी है कब से
और मेरे पास रहती है


हकीकत में ना दिल की
कोई बात करती है


समझ में कुछ नहीं आता
कैसे मनाऊँ मेरे परवर


उसकी खामोशी ही
जख्म पे आघात करती है ।।