You are welcome for visit Mera Abhinav Ho Tum blog

Saturday, October 10, 2015

बड़ी मुद्दत के बाद

बड़ी मुद्दत के बाद
मैंने तुमको पाई है
बहुत कोशिश की
कितना तुझको चाहा
शायद तुमने भी मुझे
इसलिए अपनाया है

फक्ऱ नहीं करता मैं खुद पर

तारीफ़ करता हूँ मैं तेरी
क्यूँ कि

तुमने जिससे मिलवाया है

वो कितनी सुंदर है
कितनी प्यारी है
मेरी जान है वो 
मेरा हमसाया हैं।।